मोगरा, अंग्रेजी में जैस्मिन के नाम से जाना जाता है।, एक लोकप्रिय फूल वाला पौधा है जिसे भारत में विशेष रूप से पूजा-पाठ गहनों की सजावट, धार्मिक आयोजनों, विवाह और इत्र के लिए उपयोग किया जाता है। इसके सुगंधित फूलों के कारण इसे हर कोई अपने बगीचे में उगाना चाहता है। मोगरे के फूल अधिकतर सफेद रंग में आते हैं। इसकी खुशबू सुंदरता और शांति के प्रतीक के रूप में मानी जाती है। हालांकि, कई बार मोगरे के पौधे में फूल और कलियाँ कम संख्या में आती हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि उचित देखभाल न मिलना, पोषण की कमी, या मिट्टी की खराब गुणवत्ता।

मोगरा प्लांट की आवश्यकताएँ:

मोगरा का पौधा स्वस्थ और फूलों से भरा हुआ रहने के लिए कुछ विशेष आवश्यकताएँ होती हैं। इनमें शामिल हैं:

धूप: मोगरा के पौधे को प्रतिदिन कम से कम 4-6 घंटे की धूप की आवश्यकता होती है। यदि आपका पौधा पर्याप्त धूप नहीं पा रहा है, तो उसमें फूलों की संख्या कम हो सकती है।

मिट्टी: मोगरा को अच्छी तरह से जल निकासी वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है। इसके लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है।